Ye Duniya

यह संसार एक ऐसी पुस्तक है,

जिसे प्रत्येक व्यक्ति अपने दृष्टिकोण से पढ़ता है।

किसी को इसमें प्रेम प्राप्त होता है, किसी को पीड़ा,

किसी के लिए यह व्यापार है, तो किसी के लिए साधना।

वास्तव में संसार वैसा नहीं है जैसा वह प्रतीत होता है,

संसार वैसा है जैसा हमारा दृष्टिकोण उसे बनाता है।


 By

@iRajaBabu

Comments